नये व्यवसाय को तुरंत Join करे या नहीं यदि हाँ तो क्यों ? और नहीं तो क्यों ?




नमस्कार!

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आज बात करते है किसी नये व्यवसाय या कॉन्सेप्ट को तुरंत अडॉप्ट या ज्वाइन करना चाहिए या नहीं और इस हेतु  अर्थव्यवस्था के एक शब्द “ADOPTION CURVE” का सहारा लेते है आखिर ADOPTION CURVE है क्या? तो सबसे पहले ADOPTION CURVE को समझने का प्रयास करते है यह एक ऐसा CURVE है जो किसी भी बिज़नेस या कॉन्सेप्ट के ग्रोथ रेट को बताता है जब कोई नया व्यवसाय या कॉन्सेप्ट बाज़ार में आता है तो केबल 2.5% लोग ही ऐसे होते है जो इस इंडस्ट्री को स्टार्ट करते है जिन्हें इन्नोवेटर्स बोलते है और ये 2.5% लोग अपने आईडिया को लेके लोगो के पास जाते है और उनको अपने नये व्यवसाय या कॉन्सेप्ट के बारे में बताते है परंतु शुरुआती दिनों में मात्र 13.5% लोग ही उनके बातो का यकीन करते है और नये व्यवसाय या कॉन्सेप्ट का खुद को हिस्सा बना पाते है जिनको “अर्ली अडॉप्टर” बोलते है और ये लोग उनके साथ काम करना स्टार्ट करते है अब इन्नोवेटर्स और अर्ली अडॉप्टर्स  दोनों मिलके इस कांसेप्ट पे काम करते है और मार्केट में फिर से बिज़नेस बूम कराने हेतु मेहनत करने लगते है नतीजतन अब लोगो कि प्रतिशता 34% और बढ़ जाती है जिन्हें “अर्ली मेजोरिटी” कहते है और ये कुल 50% लोग काफी पैसे कमाने लगते है जिन्हें हम अर्थव्यवस्था के टर्म में सैचुरेशन पॉइंट बोलते है अब इन 50% लोगो को पैसा कमाते देखकर बाकी के लोग इनसे जुड़ना चाहते है ओर जुड़ते भी है जिन्हें late majority कहते है जिनकी प्रतिशता 34% होती है और तबतक तक़रीबन तक़रीबन कुल मिलाकर 84% लोग जुड़ चुके होते है और यहाँ से कंपनी अपने सैचुरेशन पॉइंट से निचे जाना शुरू कर देती है और इस कंडीशन में भी लोगो कि जुड़ने कि संख्या 16% बची हुई रहती है और वो लोग भी जुड़ते है पर “late majority” होने के कारण ये लोग उतना पैसा नहीं कमा पाते है जितना पहले (इन्नोवेटर्स, अर्ली अडॉप्टर और अर्ली majority) बाले लोग कमा पाते है. यदि हम ई-कॉमर्स कि शुरूआती दिनों कि बात करे तो लोगो का इसपर यकीन ना के बराबर था लोगो का ऐसा मानना था कि इसके जरिये सामान अच्छा नहीं आता है, यदि समान अच्छा नही आया तो फिर चेंज होगा भी या नहीं यदि हो भी गया तो कितना समय लगेगा पुनः आने में, और इसकी कौन सी गारेन्टी है दूसरी बार समान अच्छा ही मिले तरह-तरह कि बाते जिसे नेगेटिव फेज बोलते है और ये फेज हर इंडस्ट्री को अपने शुरूआती दिनों में फेस करना पड़ता है चाहे ओ कोई भी इंडस्ट्री क्यों न हो जिन लोगो ने ई-कॉमर्स पे शुरूआती दिनों में भरोसा जताया होगा निसंदेह वो आज बहुत पैसा कमा रहे होंगे और जो लोग बाद में भरोसा जताया होगा वो उनके बनिस्पत बहुत कम पैसा कमा रहे होंगे जिन्होंने शुरूआती दिनों में किया होगा, ये आप पर निर्भर करता है आप किसी नये व्यवसाय या कॉन्सेप्ट के साथ किस स्टेज पे जुड़ते है, कितना पैसा कमाना चाहते है, यदि ज्यादा पैसा कमाना चाहते है तो निसंदेह आपको इन्नोवेटर्स, अर्ली अडॉप्टर या अर्ली majority बाले स्टेज पे जुड़ना चाहिए और हाँ यहाँ एक बात और बताना चाहूँगा किसी भी नये व्यवसाय या कॉन्सेप्ट से जुड़ने से पहले उसकी प्रमाणिकता कि जाच अच्छे तरीके से जरुर कर ले ताकि आप अपने सपनो को आकाश देने में कही चुक न जाये. अब वक्त आ गया है,  इन चीजो को सीखते/सिखाते आपसे बिदा लेने का फिर आपके लिए एक नया BLOG लेके आऊंगा तब तक के लिए नमस्कार! आपका दिन शुभ हो!


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