जिन्दगी में आप जब-जब अनैतिक होंगे तब-तब उसके परिणाम आपको प्रभाबित करेगा

नमस्कार!

 BLOGS पे आपका स्वागत है!

आज बात करते है, जिन्दगी में आप जब-जब अनैतिक होंगे तब-तब उसके परिणाम आपको किस-किस तरह से प्रभाबित करेगा और इसे समझने/ समझाने के लिए ले चलता हु आपको एक छोटी सी कहानी कि तरफ जहाँ  एक बार कुछ यु हुआ एक पथिक रास्ते से जा रहा था तो आँख ने पेड़ पर लगी आम के फल को देखा और आँख ने जब फल को देखा तो उसे तोड़ने के लिए पैर आगे बढ़ा पर उसे तोड़ा हाँथ ने और जब हाँथ ने तोड़ा तो उसे खाया मुह ने जड़ा सोचिये जिसने देखा उसने तोडा नहीं जिसने तोड़ा उसने खाया नहीं जिसने खाया उसने रखा नहीं क्युकी खाने के बाद फल पेट में चला गया और माली ने जब देखा पथिक ने उसके बगीचे से फल को तोडा है तो एक डंडा पथिक के पीठ पे दे मारा और पीठ बेचारी ये कहते हुए कडाह उठी हाय मेरा क्या कसूर था मैंने न तो फल तोडा न ही फल खाया लेकिन ध्यान देने बाली बात है जब चोट पीठ को लगी तो आंसू आँख से ही निकले क्युकी देखा आँख ने ही था. माई डिअर फ्रेंड्स मै आपको एक बात बताना चाहूँगा जिन्दगी के किसी भी मोड़ पर अनैतिक मत होना चाहे आप कितनी ही बड़ी मुसीबत में क्यों न हो बरना परिणाम हमेशा आपको ही तकलीफ पहुचायेगी. मुझे एक घटना और याद आ रही है और वो ये कि एक दुकान के मालिक ने एक बार गुस्से में अपने मेनेजर को एक चाटा मार दिया अब मेनेजर बेचारा उसके यहाँ नौकरी करता था इसलिये चाटा खाकर भी चुप रहना मुनासिब समझा पर उस गुस्से के कारण उसका झगडा उसके बीबी से घर पहुचते ही हो गया नतीजतन मेनेजर ने अपनी पत्नी को एक चाटा रसीद कर दिया अब बेचारी पत्नी तो पत्नी ठहरी पति को तो मार नहीं सकती थी लेकिन कही न कही गुस्सा तो निकालना था इसलिये पत्नी ने गुस्से में एक चाटा अपने बड़े बेटे को दे मारी परिणामस्वरूप बड़े बेटे ने गुस्से में आकर अपने छोटे भाई को एक चाटा लगा दिया अब देखने बलि बात है मालिक ने मैनेजर को, मेनेजर ने पत्नी को, पत्नी ने बड़े बेटे को, बड़े बेटे ने छोटे भाई को, पर छोटा भाई किसको मारे उसके पास गुस्सा निकालने के लिए घर में कोई था ही नहीं तो उसने एक पत्थर सड़क के किनारे सो रहे एक कुत्ते को दे मारा और कुत्ता गुस्से में आकर एक आदमी को काट लिया और लोग कहते है वो आदमी कोई और नहीं बल्कि मेनेजर का मालिक ही था माई डिअर फ्रेंड्स मै आपको एक बार फिर से बताना चाहूँगा जिन्दगी के किसी भी मोड़ पर अनैतिक मत होना बरना परिणाम हमेशा आपको ही तकलीफ में डालेगी अब वक्त आ गया है,  इन चीजो को सीखते/सिखाते आपसे बिदा लेने का फिर आपके लिए एक नया BLOG लेके आऊंगा तब तक के लिए नमस्कार! आपका दिन शुभ हो!

12 views0 comments